IWES की कहानी
जून 2019 में बर्लिन में GFZ Potsdam से निकली कंपनी के रूप में स्थापित Innovative Water and Environmental Solutions (IWES) जल और पर्यावरण प्रोजेक्टों में जल विज्ञान, रिमोट सेंसिंग और जलवायु विज्ञान का दशकों का अनुभव लाती है। उसका मिशन व्यावहारिक अमल पर ज़ोर के साथ अग्रणी वैज्ञानिक शोध है।
उसकी सेवाओं में कंसल्टिंग, क्षमता निर्माण, सॉफ़्टवेयर विकास, बाढ़ और सूखे के लिए AI-आधारित जल विज्ञान पूर्वानुमान, और प्राकृतिक आपदा व जोखिम कम करने के उपाय शामिल हैं। उसका MODSNOW टूल मध्य और दक्षिण एशिया में बर्फ़ की परिचालन निगरानी में मदद करता है।
उसके पार्टनरों में विश्व बैंक समूह, UNESCO, UNDP उज़्बेकिस्तान, जर्मन रेड क्रॉस और स्विस विकास एवं सहयोग एजेंसी शामिल हैं। 2025 में उसके काम में विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित व्यवहार्यता अध्ययन के लिए उज़्बेकिस्तान का फ़ील्ड मिशन और पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग के साथ MODSNOW प्रशिक्षण शामिल था। शोध, सॉफ़्टवेयर और फ़ील्ड वर्क का यह मेल IWES को बहुत तरह के लोगों के साथ काम कराता है: वित्तपोषण संस्थान, सरकारी एजेंसियाँ, शोध पार्टनर, स्थानीय विशेषज्ञ और उसके टूल इस्तेमाल करने वाली टीमें।
यह स्वभाव से अंतरराष्ट्रीय काम है। प्रोजेक्टों में कई महाद्वीपों के संस्थान और बर्लिन से दूर फ़ील्ड टीमें शामिल हो सकती हैं, और वे अक्सर सालों चलते हैं।
सिर्फ़ डील नहीं, प्रोजेक्ट
कंसल्टेंसी एक पाइपलाइन से एक प्रोडक्ट नहीं बेचती। वह एक साथ कई पार्टनरों के साथ प्रोजेक्ट चलाती है, जिनमें हर एक के अपने संस्थान, लोग और प्रतिबद्धताएँ होती हैं, और मानक डील पाइपलाइन में इस ढाँचे की कोई जगह नहीं है।
एक प्रोजेक्ट में वित्तपोषण संस्थान, राष्ट्रीय एजेंसी, शोध पार्टनर और स्थानीय टीमें शामिल हो सकती हैं, और एक ही संगठन कई प्रोजेक्टों में अलग-अलग भूमिकाओं में दिख सकता है। कौन किसमें शामिल है, इस पर नज़र रखना काम का बड़ा हिस्सा है।
ज़्यादातर CRM एक सरल मॉडल पर बने हैं: एक अकाउंट, एक कॉन्टैक्ट और स्टेज से गुज़रती एक डील। कंसल्टेंसी के लिए यह मॉडल ज़्यादातर ज़रूरी चीज़ें छोड़ देता है, और काम का असली ढाँचा CRM के बगल में स्प्रेडशीट और दस्तावेज़ों में चला जाता है। IWES को ऐसा CRM चाहिए था जिसमें मुख्य रिकॉर्ड वही हों जिनके इर्द-गिर्द उसका काम सच में घूमता है: सिर्फ़ डील नहीं, प्रोजेक्ट और पार्टनर।
इनबॉक्स में बिखरे समझौते
प्रोजेक्ट मीटिंग में आगे बढ़ते हैं। किसी पार्टनर से बातचीत समय-सीमा तय करती है, वर्कशॉप अगले क़दम तय करती है, फ़ील्ड मिशन नए सवाल उठाता है। हर एक में जो तय हुआ, वह महीनों बाद तक मायने रखता है।
जब ये समझौते निजी इनबॉक्स, नोटबुक और दस्तावेज़ों में रहते हैं, तो ज़रूरत पड़ने पर उन्हें ढूँढना मुश्किल होता है। प्रोजेक्ट में नया आया व्यक्ति पूछने को मजबूर होता है कि क्या तय हुआ, और फ़ॉलो-अप इस पर निर्भर होते हैं कि कोई उन्हें याद रखे।
कई देशों और टाइम ज़ोन में काम करने वाली टीम के लिए यह असली जोखिम है। किसी अंतरराष्ट्रीय पार्टनर के साथ छूटा अगला क़दम, बग़ल के कमरे वाले सहकर्मी के साथ छूटे क़दम से ज़्यादा मुश्किल से संभलता है। IWES को एक ऐसी जगह चाहिए थी जहाँ हर प्रोजेक्ट के पार्टनर, लोग और समझौते साथ रहें, ऐसे रूप में जिसे पूरी टीम इस्तेमाल कर सके।
समस्या जानकारी की कमी नहीं है। मीटिंग नोट्स, ईमेल और दस्तावेज़ मौजूद हैं; बस वे इतनी जगहों पर हैं कि ज़रूरत पड़ने पर किसी को प्रोजेक्ट की पूरी तस्वीर नहीं दे पाते।
PromptLab वाला पल
IWES को ऐसा CRM चाहिए था जो दिखाए कि कंसल्टेंसी सच में कैसे काम करती है, न कि उसके प्रोजेक्टों को सेल्स पाइपलाइन में ठूँसे। PromptLab टीम को अपने ऑब्जेक्ट तय करने, उन्हें अकाउंट और कॉन्टैक्ट से जोड़ने, और मीटिंग व टास्क को उन रिकॉर्ड पर रखने देता है जिनसे वे जुड़े हैं।
कस्टम ऑब्जेक्ट से IWES अपने काम को वैसे ही दर्शा पाती है जैसे वह चलता है: पार्टनर, प्रोजेक्ट और उनमें शामिल लोग, सब आपस में जुड़े। यह लचीलापन बुनियादी चीज़ें छोड़े बिना मिला। अकाउंट, कॉन्टैक्ट, ईमेल, मीटिंग और टास्क किसी भी CRM की तरह काम करते हैं, और कस्टम ऑब्जेक्ट उनके साथ रहते हैं, दोनों दिशाओं में जुड़े हुए। सेटअप भी टीम के हाथ में रहा। ऑब्जेक्ट और फ़ील्ड PromptLab में ही तय होते हैं, इसलिए IWES प्रोजेक्ट बदलने के साथ बिना डेवलपर का इंतज़ार किए अपना ढाँचा बदल सकती है।
IWES PromptLab का इस्तेमाल कैसे करती है
IWES अपने प्रोजेक्ट, पार्टनर और समझौते एक जुड़े हुए ढाँचे में रखने के लिए PromptLab का इस्तेमाल करती है। काम तीन हिस्सों में बँटा है। हर हिस्सा बाक़ियों से जुड़ा है, इसलिए मीटिंग, टास्क और पार्टनर, सबको उस प्रोजेक्ट तक ट्रेस किया जा सकता है जिससे वे जुड़े हैं।
ऑब्जेक्ट के रूप में पार्टनर और प्रोजेक्ट
कस्टम ऑब्जेक्ट प्रोजेक्ट और पार्टनर संस्थानों को रखते हैं, जो उन पर काम करने वाले कॉन्टैक्ट से जुड़े होते हैं। हर ऑब्जेक्ट में वे फ़ील्ड होते हैं जो IWES को चाहिए, और उसके रिकॉर्ड किसी भी बिल्ट-इन रिकॉर्ड की तरह व्यू में फ़िल्टर और रिपोर्ट में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
ऑब्जेक्ट जुड़े होने से काम का ढाँचा दिखाई देता है। प्रोजेक्ट खोलने पर उसके पार्टनर और लोग दिखते हैं, और पार्टनर खोलने पर वे प्रोजेक्ट जिनमें वह शामिल है।
कॉन्टैक्ट एक से ज़्यादा प्रोजेक्ट से जोड़े जा सकते हैं। किसी पार्टनर संस्थान का विशेषज्ञ जो कई प्रोजेक्टों पर काम करता है, हर एक में दिखता है, इसलिए साफ़ रहता है कि कौन किसे और किस संदर्भ में जानता है।
सेव किए गए व्यू टीम को एक ही डेटा अलग-अलग ढंग से देखने में मदद करते हैं। एक व्यू क्षेत्र के हिसाब से सक्रिय प्रोजेक्ट दिखा सकता है, दूसरा किसी ख़ास कार्यक्रम के पार्टनर, और हर एक उन्हीं रिकॉर्ड से बनता है।
रिकॉर्ड पर मीटिंग
मीटिंग रिकॉर्ड होती हैं और उनका सारांश सही प्रोजेक्ट पर दर्ज होता है, ताकि जो तय हुआ वह उसी काम के साथ रहे जिससे वह जुड़ा है। सारांश और अगले क़दम रिकॉर्ड पर आते हैं, जहाँ पूरी टीम उन्हें पढ़ सकती है।
महीनों बाद भी टीम का कोई भी सदस्य प्रोजेक्ट खोलकर देख सकता है कि हर पार्टनर के साथ क्या और कब चर्चा हुई। प्रोजेक्ट का इतिहास अब इस पर निर्भर नहीं कि कमरे में कौन था।
Google Meet कॉल रिकॉर्ड और ट्रांसक्राइब की जा सकती हैं, और Calendly या Cal.com से बुक मीटिंग सही कॉन्टैक्ट से जुड़कर PromptLab में आती हैं। मीटिंग किसी भी तरह शुरू हो, वह रिकॉर्ड पर पहुँचती है।
टास्क के रूप में अगले क़दम
हर मीटिंग के कार्य-बिंदु ज़िम्मेदार व्यक्ति और समय-सीमा वाले टास्क बन जाते हैं। हर टास्क अपने प्रोजेक्ट से जुड़ा होता है, इसलिए संदर्भ एक क्लिक की दूरी पर है।
हर व्यक्ति देखता है कि उसे क्या करना है, और टीम देखती है कि किसी प्रोजेक्ट में क्या खुला है। पार्टनरों से किए वादे इसलिए पूरे होते हैं कि वे सूची में हैं, इसलिए नहीं कि किसी को याद रहा। टास्क प्रोजेक्ट-दर-प्रोजेक्ट देखे जा सकते हैं, इसलिए किसी पार्टनर से बात करने से पहले टीम देख सकती है कि पिछली बार क्या वादा हुआ था और वह पूरा हुआ या नहीं।
यहाँ वर्कफ़्लो भी मदद करते हैं। जब किसी प्रोजेक्ट का रिकॉर्ड बदलता है, तो वर्कफ़्लो अगला टास्क बना सकता है या शामिल लोगों को सूचना भेज सकता है, ताकि रोज़मर्रा के फ़ॉलो-अप याददाश्त पर न टिके हों।
काम से मेल खाता ढाँचा
IWES वहाँ काम करती है जहाँ विज्ञान व्यवहार से मिलता है, यूरोप और मध्य व दक्षिण एशिया के पार्टनरों के साथ। उसके प्रोजेक्टों और पार्टनरों के इर्द-गिर्द बना CRM टीम को यह काम देखने की एक जगह देता है, बिना उसे प्रोडक्ट बेचने के लिए बने मॉडल में ठूँसे।
नए प्रोजेक्ट और पार्टनर उसी ढाँचे में आ जाते हैं। हर मीटिंग रिकॉर्ड में जुड़ती है, और हर अगला क़दम टास्क बनता है, इसलिए हर प्रोजेक्ट के पीछे का ज्ञान टीम के पास रहता है। यह निरंतरता लंबे प्रोजेक्टों में सबसे ज़्यादा मायने रखती है, जहाँ लोग बदलते हैं और पहली बातचीत और अंतिम रिपोर्ट के बीच सालों गुज़र सकते हैं।









