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कोटेशन और सैंपल: बड़े पैमाने पर मार्जिन-फ़र्स्ट कोटेशन भेजें

मिनटों में मार्जिन-फ़र्स्ट कोटेशन बनाएँ और PromptLab छोड़े बिना हर सैंपल को अनुरोध से टेस्ट के नतीजे तक फ़ॉलो करें।

कोटेशन और सैंपल ग्राहक से बातचीत और उसके इनबॉक्स में कीमत पहुँचने के बीच की देरी ख़त्म करते हैं। कोटेशन दस्तावेज़ों को साफ़ करने में दिन बिताने या हाथ से ट्रैक करने में कि कौन-सा सैंपल कहाँ गया, समय गँवाने की जगह आप मिनटों में पेशेवर, मार्जिन-जागरूक कोटेशन बनाते हैं और अपने पूरे ग्राहक आधार में हर कीमती सैंपल की पूरी जवाबदेही रखते हैं। जिन कोटेशन में पहले दिन लगते थे, अब उनमें मिनट लगते हैं।

मुख्य क्षमताएँ

मार्जिन-फ़र्स्ट कोटेशन

हर लाइन आइटम पर लिस्ट प्राइस के साथ यूनिट कॉस्ट देखें, ताकि भेजने से पहले ही आप प्रतिस्पर्धी रहते हुए मुनाफ़ा सुरक्षित रखें।

कुल में कॉस्ट और डिस्काउंट

फ़्रेट, हैंडलिंग और लाइन डिस्काउंट उसी सबटोटल में आते हैं, इसलिए आपको दिखने वाला मार्जिन वही है जो आप बुक करेंगे।

प्राइस लिस्ट

प्राइस लिस्ट जोड़ें और केवल वही प्रोडक्ट कोट करें जिनका वह ग्राहक हक़दार है, आपकी तय की कीमतों पर।

सैंपल ट्रैकिंग

हर सैंपल को अनुरोध से डिलीवर होने और मूल्यांकन तक फ़ॉलो करें, ट्रैकिंग नंबर, तारीख़ों और ग्राहक के टेस्ट नतीजे के साथ।

मार्जिन-फ़र्स्ट कोटेशन

हर कोटेशन हर लाइन आइटम के लिए यूनिट कॉस्ट और लिस्ट प्राइस साथ-साथ दिखाता है। कुछ भी भेजने से पहले आप लाइन स्तर पर भी और पूरे कोटेशन के स्तर पर भी अपना मार्जिन देख सकते हैं। भरोसे के साथ कीमत तय करें: रियायत देने से पहले आपको हमेशा पता होता है कि न्यूनतम सीमा क्या है।

एक कोटेशन रिकॉर्ड, जिसमें यूनिट प्राइस और यूनिट कॉस्ट के साथ प्रोडक्ट लाइनें और मार्जिन सारांश दिख रहा है
हर लाइन पर यूनिट प्राइस के सामने यूनिट कॉस्ट, और नीचे कोटेशन की कुल कॉस्ट, कुल मार्जिन और मार्जिन %।

कॉस्ट, डिस्काउंट और स्टेटस

Additional Costs में वह सब आता है जो लाइन आइटम के बाहर है, जैसे फ़्रेट, हैंडलिंग, सर्टिफ़िकेशन, और वह सबटोटल और डिस्काउंट के साथ उसी सारांश में जुड़ता है। कोटेशन Draft, Pending और Approved से गुज़रता है, ताकि सब देख सकें कि कौन-से आँकड़ों पर अभी काम चल रहा है।

सैंपल ट्रैकिंग: सैंपल का बेहिसाब जाना रोकें

Samples मॉड्यूल आपके भेजे हर फ़िज़िकल सैंपल को ट्रैक करता है। हर रिकॉर्ड में अकाउंट, कॉन्टैक्ट, प्रोडक्ट, मात्रा, शिपिंग पता, ट्रैकिंग नंबर, और अनुरोध, भेजने व डिलीवरी की तारीख़ें होती हैं। स्टेटस Requested से शुरू होकर Preparing, Sent, In Transit, Delivered और Under Evaluation तक जाता है, और Result: Positive, Negative या Conditional पर ख़त्म होता है, टेस्ट नतीजे के नोट के लिए जगह के साथ।

Samples टेबल, जिसमें सैंपल ID, अकाउंट, कॉन्टैक्ट, प्रोडक्ट और मात्रा सूचीबद्ध हैं
आपकी टीम के भेजे हर सैंपल, एक लिस्ट में।

सेल्स ऑर्डर

जब ग्राहक हाँ कह दे, तो Sales Orders से सेल्स ऑर्डर बनाएँ: प्रोडक्ट, ट्रेड टर्म और पेमेंट शेड्यूल जोड़ें, फिर उसी रिकॉर्ड से इनवॉइस बनाएँ।

कोटेशन बनते ही आपकी पाइपलाइन की संबंधित डील से अपने आप जुड़ जाते हैं। किसी डील के सारे कोटेशन अलग से खोजे बिना डील रिकॉर्ड के Quotes टैब में मिल जाते हैं।

कोटेशन और सैंपल के साथ शुरुआत

1

नया कोटेशन बनाएँ

बाएँ नेविगेशन में Quotes पर क्लिक करें, फिर New Quote। उसे ऑपर्च्युनिटी से जोड़ें ताकि कोटेशन डील पर दिखे, और उस ग्राहक की तय कीमतों से कोट करने के लिए प्राइस लिस्ट जोड़ें।

2

प्रोडक्ट जोड़ें और कीमत तय करें

हर प्रोडक्ट को उसकी मात्रा और यूनिट के साथ जोड़ें। Available products दिखाता है कि जुड़ी हुई प्राइस लिस्ट क्या इजाज़त देती है। हर लाइन पर यूनिट कॉस्ट, यूनिट प्राइस के बगल में होती है, और सारांश आपके काम करते-करते कुल कॉस्ट, कुल मार्जिन और मार्जिन % दोबारा गिनता है।

3

कॉस्ट और डिस्काउंट जोड़ें

फ़्रेट, हैंडलिंग या लाइनों के बाहर की किसी भी चीज़ के लिए Add Costs इस्तेमाल करें, और जहाँ ज़रूरत हो डिस्काउंट लगाएँ। डिस्काउंट की जगह मार्जिन % पर नज़र रखें: वह बताता है कि रियायत कब हद से ज़्यादा हो गई।

4

कोटेशन दस्तावेज़ बनाएँ

अपने ग्राहक के लिए दस्तावेज़ बनाने के लिए रिकॉर्ड पर Quote क्लिक करें, और कोटेशन के आगे बढ़ने पर उसका स्टेटस Pending या Approved करें।

5

सेल्स ऑर्डर बनाएँ

स्वीकार होते ही Sales Orders में ट्रेड टर्म और पेमेंट शेड्यूल के साथ ऑर्डर बनाएँ, फिर उसी रिकॉर्ड से इनवॉइस बनाएँ।

हर ग्राहक सेगमेंट के लिए एक प्राइस लिस्ट रखें। लिस्ट से कोट करना कीमतें दोबारा टाइप करने से बेहतर है: प्रोडक्ट पहले से सही होते हैं और मार्जिन की गणना असली आँकड़ों से शुरू होती है।

मार्जिन की विज़िबिलिटी इस पर निर्भर है कि आपके प्रोडक्ट कैटलॉग में सही कॉस्ट डेटा हो। अगर यूनिट कॉस्ट ग़ायब या पुरानी है, तो मार्जिन संकेतक हक़ीक़त नहीं दिखाएगा। भरोसेमंद मार्जिन जानकारी के लिए अपना प्रोडक्ट कैटलॉग अपडेट रखें।

अगले कदम